Skip to content
Tapobhoomi News

Tapobhoomi News

A News Website

Connect with Us

  • Home
  • Blog
  • Contact

Categories

  • BJP
  • Blog
  • Business
  • CONGRESS
  • crime
  • Dehardun
  • economy
  • employment
  • Entertainment
  • Featured
  • Finance
  • Health
  • Life Style
  • Model
  • National
  • New tehri
  • Newsbeat
  • Politics
  • Science
  • Sport
  • Sports
  • Stories
  • Tech
  • Uncategorized
  • Uttarakhand
  • World
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अपराध
  • अल्मोड़ा
  • आपका शहर
  • आपदा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तरकाशी
  • उत्तरराखंड विधानसभा
  • उत्तराखंड
  • उत्तराखण्ड
  • ऊधम सिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • क्राइम
  • खबर हटकर
  • गैरसैण
  • चमोली
  • चम्पावत
  • चलो चले देवभूमि
  • चारधाम
  • चारधाम यात्रा
  • टिहरी
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • ताज़ा ख़बर
  • ताज़ा ख़बरें
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देश
  • देश-विदेश
  • देहरादून
  • देहरादून/मसूरी
  • धर्म-संस्कृति
  • धामी सरकार
  • नई दिल्ली
  • नैनीताल
  • न्यूज़
  • पिथौरागढ़
  • पुलिस
  • बिहार
  • भारत
  • मनोरंजन
  • मुंबई
  • मौसम
  • राजधानी दिल्ली
  • राजनीति
  • रुड़की
  • रुद्रपुर
  • रुद्रप्रयाग
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • विदेश
  • शिक्षा
  • शिक्षा/रोजगार
  • सेना
  • सोशल मीडिया वायरल
  • हरिद्वार
  • हल्द्वानी
Primary Menu
  • Uttarakhand
  • Politics
  • Entertainment
  • Health
  • Life Style
  • Business
  • Finance
  • Science
  • Sports
  • Tech
  • World
Live
  • Home
  • सोशल मीडिया वायरल
  • देहरादून कार्लीगाड़ आपदा 2025, पुराने जख्म अभी भरे नहीं, नयों का सताने लगा डर, जानिए ग्राउंड की हकीकत
  • Dehardun
  • अपराध
  • उत्तराखंड
  • ताज़ा ख़बरें
  • सोशल मीडिया वायरल

देहरादून कार्लीगाड़ आपदा 2025, पुराने जख्म अभी भरे नहीं, नयों का सताने लगा डर, जानिए ग्राउंड की हकीकत

tapobhoomi May 29, 2026 1 min read

उत्तराखंड में मॉनसून का डर अभी से सताने लगा है. क्योंकि उत्तराखंड में मॉनसून अपने साथ तबाही भी लेकर आता है. रिपोर्ट- रोहित सोनी

देहरादून: उत्तराखंड के लिए मॉनसून हर साल सुहाने मौसम के साथ-साथ एक डर भी लेकर आता है, जो कई बार तबाही के रूप में दिखाई भी देता है. बीते साल भी ऐसा हुआ था. देहरादून से सटे सहस्त्रधारा से करीब 5 किमी दूर कार्लीगाड़ गांव में साल 2025 में बारिश ने जमकर कहर बरपाया था. एक तरह से कार्लीगाड़ गांव आपदा का एपिसेंटर बना था. कार्लीगाड़ गांव को बीते साल आपदा के जो जख्म मिले थे, वो अभी तक हरे पड़े है, ऊपर से ग्रामीणों को अब आगामी मॉनसून का डर सताने लगा है.

जिस कार्लीगाड़ गांव में बीते साल बारिश ने जमकर कहर बरपाया था, वहां इस साल आगामी मॉनसून को लेकर कैसी तैयारी, इसका खुद ईटीवी भारत की टीम ने ग्राउंड पर जाकर जायजा लिया. क्योंकि माना जा रहा है कि इस साल उत्तराखंड में मॉनसून 21 जून के आसपास दस्तक दे सकता है.

आपदा का खौफ अभी भी जेहन में जिंदा: जब ईटीवी भारत की टीम कार्लीगाड़ गांव पहुंची तो वहां ग्रामीणों के चेहरे पर बीते साल की आपदा का डर अभी तक भी साफ देख रहा था. बीते साल आपदा में मिले दर्द के साथ ही कार्लीगाड़ गांव के लोगों को आगामी मॉनसून की डर सता रहा है. साल 2025 में कार्लीगाड़ गांव ने भयानक आपदा का सामना किया था.

तीन बार फटा का बादल: सहस्त्रधारा से करीब पांच किमी दूर कार्लीगाड़ गांव में साल 2025 में 15 और 16 सितंबर की रात तीन बार बादल फटा था, जिस कारण यहां भारी तबाही हुई थी. कार्लीगाड़ गांव की आपदा आए आठ महीने का लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन यहां के लोग अभी भी उस दर्द से उभर नहीं पाए है. क्योंकि ग्राउंड पर आपदा के जख्मों को मरहम लगाने से जैसे कोई काम हुआ ही नहीं. सिर्फ कुछ जगहों पर प्रशासन की तरफ से पुस्ते लागने का काम जरूर किया गया, ताकि भारी बारिश के बाद नदी का पानी रिहायशी इलाकों की तरफ न जाए.

आपदा का मलबा आज भी गांव में ऐसे ही पड़ा हुआ है: ईटीवी भारत की टीम ने देखा कि बीते साल आपदा में आया मलबा गांव के दोनों तरफ और सीमा पर जस का तस बना हुआ है. इसके अलावा पानी को रोकने के लिए जो पुश्ते बनाए गए है, वो भी मलबे के लगभग बराबर के ही है. ऐसे हालात में यदि तेज रफ्तार से पानी आता है तो पुश्ते ढह भी सकते है और पानी घरों तक आसानी से पहुंच सकता है. यहीं कारण है कि ग्रामीणा का डर मॉनसून के नजदीक आते ही बढ़ता जा रहा है.

ग्रामीणों को अभी भी सरकार से उम्मीद: ईटीवी भारत से बात करते हुए आपदा प्रभावित सुरेश ने कहा कि आगामी मानसून सीजन को देखते हुए अभी कोई व्यवस्था उन्होंने नहीं की है. क्योंकि वो इस उम्मीद में बैठे हुए हैं कि उनकी इस जमीन को सरकार ले ले और उनको कहीं अन्य जगह विस्थापित कर दे. अभी कुछ दिन पहले बारिश हुई थी तो बारिश का पानी भी उनके घर तक पहुंचा था.

नदी के पानी को रोकने के लिए जो पुस्ता लगाया है, उसका लेवल भी सड़क के बराबर ही है. प्रशासन ने बरसाती नाले में पड़े मलबे के हटाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ है, जबकि मॉनसून आने में ज्यादा वक्त नहीं बचा है. इसीलिए यहां से दूर एक कमरा किराए पर लेने का मन बनाया है. ताकि बीते साल जैसे हालात बने तो वो कहीं सुरक्षित रह सके.
-सुरेश, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

मॉनसून में हालत बिगड़े तो कहां जाएंगे: इस तरह का कुछ दर्द कोमली देवी ने भी बंया किया. कोमली देवी बताती है कि बीते साल आपदा के दौरान प्रशासन ने उनके रहने की इंतजाम स्कूल किया था. अब फिर से मॉनसून आने वाला है, उनकी चिंता अपनी 26 साल की दिव्यांग बेटी को लेकर है. यदि पिछली बार की तरह हालात बिगड़ते है तो वो अपनी बेटे को लेकर कहां जाएगी.

पिछले साल भी सरकार से मांग की थी कि उनको किसी सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया जाए, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई कि मानसून के दौरान किसी अन्य जगह पर कोई व्यवस्था किया जा रहा है या नहीं?
-कोमली देवी, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

भविष्य की चिंता: ये दर्द सिर्फ कोमली देवी या सुरेश का ही नहीं है, बल्कि कई और ऐसे ग्रामीण है, जिन्हें अभी से अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है.

पिछले साल मॉनसून अपने साथ आपदा लेकर आया था. एक बार फिर से मानसून सीजन आने जा रहा है, लेकिन अभी तक यहां से कोई मलवा हटाने का काम नहीं किया गया है. ऐसे में गांव में डर का माहौल और यहां पर उनका सुरक्षित रहना मुश्किल है, लेकिन मजबूरी में हमें यहीं पर रहना पड़ेगा. क्योंकि मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि वह कहीं और कमरा किराए पर लेकर रह सके.
-जुगना, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

जुगना ने बताया कि उनके घर के आसपास बहुत ज्यादा मलबा पड़ा हुआ है. प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मलबा को हटा दिया जाएगा. लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ.

आगामी मानसून सीजन को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल है. घर के पास से ही जा रहे खाले में मलवा भरा हुआ है. हालांकि, खाले के बगल में पुस्ता लगा दिया गया है, लेकिन वो भी कच्चा है. मेरे पास भी यहां से जाने का कोई विकल्प नहीं है. क्योंकि परिवार की स्थिति उतनी ठीक नहीं है कि वह किसी अन्य जगहों पर कमरा किराए पर लेकर रह सके.
-सुनीता, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

ग्रामीणों की चिंता इस बात को लेकर बीते साल जहां से आपदा आई थी, उस इलाके में आपदा को रोकने के लिए कोई काम नहीं किया गया. आपदा पीड़ित बबीता का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है. उनके गांव के प्रधान की ओर से उनके लिए कोई काम नहीं किया गया है.

उनके घर के आसपास पुस्ते तो लगा दिए गए हैंस, लेकिन उन्हें देखकर लगाता है कि ये किसी काम के नहीं होगे. पिछले साल आई आपदा के दौरान मेरे खेत मलबे में दब गया था, जिसकी एवज में मुझे सिर्फ पांच हजार रुपए का चेक मिला था.
-बबीता, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

गांव का मुख्य रास्ता भी क्षतिग्रस्त पड़ा है: बीते साल की आपदा में कार्लीगाड़ गांवका मुख्य मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जो अभी तक ऐसे ही पड़ा हुआ है. मार्ग से मलबा हटाने के लिए जेसीबी तो लगाई गई थी, लेकिन वो काम भी कुछ दिनों बाद बंद ही कर दिया गया था. ऐसे में यदि इस साल रास्ता बंद होता है तो ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कैसे और कहां जाएगे.

पिछले साल बादल फटने से गांव में जब आपदा आई तो ग्रामीण मेरे घर में ही रुके थे. मेरे घर के पीछे से ही नाला कटा हुआ है. ऐसे में जो भी टीम यहां आती है वो सिर्फ इस बात को कहती है कि तुम्हारा घर सुरक्षित जगह पर है, लेकिन मुझे यहां सुरक्षित नहीं लग रहा है. अपना घर होने के बावजूद भी किराए पर रहने के मजबूर हैं. बच्चों को आपदा प्रभावित क्षेत्र से दूर सुरक्षित क्षेत्र में किराए पर रखे हुए हैं.
-कृष्ण प्रसाद जोशी, आपदा पीड़ित ग्रामीण-

ग्रामीण दिनेश ने कहा कि प्रशासन की ओर से कहा गया था कि इस खाले-नाले को साफ किया जाएगा. जेसीबी भी लगाई गई थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने कहा कि मलबा हटाने की वजह से उनके खेत बह जाएगे, जिसके चलते काम को बंद करवा दिया गया. फिलहाल वो लोग यही रहेंगे, क्योंकि हम मजदूरी का काम करते हैं. उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह किराए का मकान ले सके.

Continue Reading

Previous: Xiaomi लाएगा Samsung जैसा Privacy Display फीचर, HyperOS 4 के साथ होगा लॉन्च
Next: थाने में महिला और किशोरी ने साथ जीने मरने की खाई कसम, रोकने पर नदी में कूदने की बना रही थी योजना

Related Stories

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट
1 min read
  • National

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट

July 18, 2026
रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर
1 min read
  • उत्तराखंड

रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर

July 18, 2026
नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग
1 min read
  • उत्तराखंड

नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग

July 18, 2026
https://youtu.be/mydxpVyKHAs
https://youtu.be/GvlqX6y-YSE

Categories

  • BJP (32)
  • Blog (4)
  • Business (16)
  • CONGRESS (4)
  • crime (1)
  • Dehardun (324)
  • economy (23)
  • employment (8)
  • Entertainment (17)
  • Featured (9)
  • Finance (8)
  • Health (24)
  • Life Style (8)
  • Model (1)
  • National (20)
  • New tehri (1)
  • Newsbeat (26)
  • Politics (156)
  • Science (10)
  • Sport (14)
  • Sports (52)
  • Stories (7)
  • Tech (52)
  • Uncategorized (23)
  • Uttarakhand (748)
  • World (59)
  • अंतरराष्ट्रीय (2)
  • अपराध (136)
  • अल्मोड़ा (1)
  • आपका शहर (140)
  • आपदा (1)
  • उत्तर प्रदेश (9)
  • उत्तरकाशी (22)
  • उत्तरराखंड विधानसभा (1)
  • उत्तराखंड (1,134)
  • उत्तराखण्ड (4)
  • ऊधम सिंह नगर (5)
  • ऋषिकेश (52)
  • क्राइम (2)
  • खबर हटकर (469)
  • गैरसैण (1)
  • चमोली (15)
  • चम्पावत (8)
  • चलो चले देवभूमि (23)
  • चारधाम (29)
  • चारधाम यात्रा (37)
  • टिहरी (6)
  • ट्रेंडिंग खबरें (614)
  • ताज़ा ख़बर (30)
  • ताज़ा ख़बरें (610)
  • दिल्ली (27)
  • दुर्घटना (71)
  • देश (3)
  • देश-विदेश (57)
  • देहरादून (98)
  • देहरादून/मसूरी (683)
  • धर्म-संस्कृति (60)
  • धामी सरकार (39)
  • नई दिल्ली (7)
  • नैनीताल (52)
  • न्यूज़ (413)
  • पिथौरागढ़ (17)
  • पुलिस (23)
  • बिहार (6)
  • भारत (174)
  • मनोरंजन (40)
  • मुंबई (1)
  • मौसम (46)
  • राजधानी दिल्ली (20)
  • राजनीति (407)
  • रुड़की (7)
  • रुद्रपुर (28)
  • रुद्रप्रयाग (19)
  • वर्ल्ड न्यूज़ (19)
  • विदेश (7)
  • शिक्षा (39)
  • शिक्षा/रोजगार (8)
  • सेना (4)
  • सोशल मीडिया वायरल (957)
  • हरिद्वार (48)
  • हल्द्वानी (19)

Trending News

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 1

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट

July 18, 2026
रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर 2

रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर

July 18, 2026
नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग 3

नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग

July 18, 2026
पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव में कद नहीं, किरदार की हुई जीत, 3 फीट के चन्नू बने निर्विरोध उपप्रधान 4

पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव में कद नहीं, किरदार की हुई जीत, 3 फीट के चन्नू बने निर्विरोध उपप्रधान

July 18, 2026
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- रटा रटाया झूठ फैलाने में गंवाया समय 5

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- रटा रटाया झूठ फैलाने में गंवाया समय

July 18, 2026
उत्तराखंड में युवाओं पर फोकस राजनीति, जानिए क्यों सत्ताधारियों के लिए खास हुए Gen-z 6

उत्तराखंड में युवाओं पर फोकस राजनीति, जानिए क्यों सत्ताधारियों के लिए खास हुए Gen-z

July 18, 2026
सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, CJP का आरोप- छात्रों के साथ की धक्का-मुक्की 7

सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, CJP का आरोप- छात्रों के साथ की धक्का-मुक्की

July 18, 2026

Connect with Us

  • Home
  • Blog
  • Contact

You may have missed

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट
1 min read
  • National

Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट

July 18, 2026
रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर
1 min read
  • उत्तराखंड

रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर

July 18, 2026
नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग
1 min read
  • उत्तराखंड

नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग

July 18, 2026
पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव में कद नहीं, किरदार की हुई जीत, 3 फीट के चन्नू बने निर्विरोध उपप्रधान
1 min read
  • उत्तराखंड

पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव में कद नहीं, किरदार की हुई जीत, 3 फीट के चन्नू बने निर्विरोध उपप्रधान

July 18, 2026

About Us

Founder – 
Website – www.ukfastkhabar.com
Email –
Phone –
Address –

Categories

BJP Dehardun economy Health National Newsbeat Politics Sports Tech Uncategorized Uttarakhand World अपराध आपका शहर उत्तरकाशी उत्तराखंड ऋषिकेश खबर हटकर चलो चले देवभूमि चारधाम चारधाम यात्रा ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बर ताज़ा ख़बरें दिल्ली दुर्घटना देश-विदेश देहरादून देहरादून/मसूरी धर्म-संस्कृति धामी सरकार नैनीताल न्यूज़ पुलिस भारत मनोरंजन मौसम राजधानी दिल्ली राजनीति रुद्रपुर वर्ल्ड न्यूज़ शिक्षा सोशल मीडिया वायरल हरिद्वार हल्द्वानी

Recent Posts

  • Skyroot का Vikram-1 सफलतापूर्वक लॉन्च, बना भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट
  • रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत में नैनीताल के लोग, रातभर कर रहे पहरेदारी, पढ़ें पूरी खबर
  • नैनीताल में दोपहिया चालकों को देना होगा ₹100 प्रवेश शुल्क, विरोध में उतरे सभासद, बोर्ड भंग करने की मांग
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Home
  • Blog
  • Contact
Copyright ©tapobhoominews 2023. All rights reserved. | MoreNews by AF themes.